AAP विधायक गोपाल इटालिया ने अमृतसर स्थित जलियांवाला बाग का दौरा किया और शहीदों को श्रद्धांजलि दी
आम आदमी पार्टी के विसावदर के विधायक गोपाल इटालिया ने पंजाब के अमृतसर स्थित जलियांवाला बाग का दौरा किया था और इस दौरे के दौरान उन्होंने एक वीडियो के माध्यम से बताया कि जलियांवाला में जनरल डायर ने भारत देश के नागरिकों पर गोलियां चलाई थीं, क्योंकि भारत के नागरिक एक काले कानून का विरोध कर रहे थे। उस कानून के अनुसार अंग्रेजों ने तय किया था कि किसी भी नागरिक को बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के दो साल के लिए जेल में बंद कर दिया जाएगा। तो इस कानून के विरोध में भारत के 10-15 हजार लोग इस जलियांवाला बाग में इकट्ठा हुए थे और जनरल डायर ने इन लोगों पर गोलियां चलाई थीं। उन गोलियों के निशान आज भी दीवार पर हैं और यहां मैं जलियांवाला बाग के सभी शहीदों को नमन करता हूं। कल दिल्ली में भी एक जनरल डायर आया था, उसने भारत के बच्चों पर लाठी और हथियार चलाने की कोशिश की। कॉकरोच जनता पार्टी सहित देश के सभी नागरिक वर्तमान में मांग कर रहे हैं कि काला कानून यानी SIR और 2023 का CEC एक्ट रद्द किया जाए।
इसके अलावा आम आदमी पार्टी के विधायक गोपाल इटालिया ने बताया कि भाजपा सरकार ने ऐसा कानून बनाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त करने का अधिकार प्रधानमंत्री को मिल जाए। पहले प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और विपक्ष के एक नेता, इन तीन लोगों की समिति तय करती थी कि मुख्य चुनाव आयुक्त कौन बनेगा, लेकिन 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानून बदल दिया और उसके अनुसार प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट के एक मंत्री मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति करते हैं। इसके बाद प्रधानमंत्री की पसंद के लोग चुनाव अधिकारी बनने लगे और SIR के नाम पर 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए। जब देश के लोगों ने विरोध किया तो कल चुनाव अधिकारी ने घोषणा की कि लोग मतदाता सूची में अपना नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं, लेकिन दिल्ली में जो लोग आंदोलन कर रहे हैं, इस तरह का आंदोलन देश के लिए कोई नई बात नहीं है। जब जनता को लगता है कि उनके अधिकारों पर हमला किया जा रहा है, तब जनता के पास यह अधिकार होता है कि वे सरकार के खिलाफ आंदोलन करें। तो जलियांवाला बाग में जनरल डायर ने ऐसे आंदोलन करने वाले लोगों पर गोलियां चलाई थीं और अब वर्तमान परिस्थितियों में भारत के अंग्रेज आ गए हैं, जो सत्ता में बैठे हैं और हमारे देश के लोगों को विरोध करने से रोक रहे हैं। गुजरात के लोगों से मेरी अपील है कि अब हम अपने शहीदों से कुछ प्रेरणा लें। यदि हमारे पूर्वज अंग्रेजों के खिलाफ लड़ते समय भी नहीं डरे, तो वर्तमान अंग्रेजों के खिलाफ लड़ना भी हमारा कर्तव्य है।