सांसद संजय सिंह ने दिल्ली पुलिस की गुंडई के खिलाफ विशेषाधिकार समिति को लिखी चिट्ठी

सांसद संजय सिंह ने दिल्ली पुलिस की गुंडई के खिलाफ विशेषाधिकार समिति को लिखी चिट्ठी

नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने वोट चोरी के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान की गई दिल्ली पुलिस की गुंडई को लेकर संसद की विशेषाधिकार समिति को पत्र लिखा है। उन्होंने एक्स पर पत्र के साथ पुलिस की बर्बरता की फोटो साझा कर पीएम मोदी से कहा कि हम कोई गुंडे माफिया या आतंकवादी नही देश की संसद के सदस्य हैं। आपकी पुलिस ने हमारे साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया है। मैंने संसद की विशेषाधिकार समिति को दिल्ली पुलिस कमिश्नर जाफरपुर कलां के एसएचओ और अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ पत्र लिखा है, सारे साक्ष्य समिति के सामने रखूंगा। इन पुलिस वालों के खिलाफ कोर्ट से भी एफआईआर दर्ज कराऊंगा। उन्होंने मांग की कि बार-बार बर्बरता पूर्ण व्यवहार कर रही दिल्ली पुलिस की जवाबदेही तय की जाए।

संजय सिंह ने राज्यसभा की विशेषाधिकार समिति के सभापति हरिवंश नारायण सिंह को लिखे पत्र में कहा है कि मेरे द्वारा 2 और 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस कर्मियों द्वारा की गई धक्का-मुक्की और जबरन हिरासत में लिए जाने के संबंध में उपर्युक्त संदर्भित पूर्व नोटिस प्रस्तुत किया गया था। उसी क्रम में, दिनांक 12 अक्टूबर 2026 को मेरे साथ पुनः किए गए दुर्व्यवहार के संबंध में यह पूरक नोटिस प्रस्तुत कर रहा हूं।

संजय सिंह ने कहा है कि जनपथ मेट्रो स्टेशन तथा संसद मार्ग/जंतर-मंतर क्षेत्र के समीप मतदाता सूचियों के एसआईआर में अनियमितताओं और मतदाताओं के नाम हटाए जाने के विरोध में आयोजित एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन में भाग लेने के दौरान दिल्ली पुलिस कर्मियों ने पुनरू मेरे विरुद्ध अत्यधिक शारीरिक बल का प्रयोग किया। मेरे साथ धक्का-मुक्की की गई, मुझे जोर से घसीटा गया। इसके अतिरिक्त, मुझे धक्का देकर तथा खींचकर जबरन पुलिस बस में ठूंस दिया गया और हिरासत में ले लिया गया। पुलिस कर्मियों द्वारा मेरे साथ किया गया यह आक्रामक, अपमानजनक व्यवहार पूर्णतः गलत था।

संजय सिंह ने कहा है कि 2 और 10 अक्टूबर 2026 की घटनाओं के पश्चात, 11 दिनों के भीतर यह इस प्रकार की तीसरी घटना थी। मेरे पूर्व नोटिस प्रस्तुत किए जाने के बावजूद दुर्व्यवहार जारी रहा है। इस प्रकार बार-बार दोहराए गए इस आचरण पर पुलिस कर्मियों और पुलिस आयुक्त, जवाबदेही तय होनी चाहिए।

संजय सिंह ने कहा है कि इन घटनाओं के दौरान मैंने पुलिस आयुक्त से टेलीफोन के माध्यम से संपर्क करने का भी प्रयास किया, किंतु उन्होंने न तो मेरी कॉल का उत्तर दिया और न ही मेरे द्वारा भेजे गए संदेश का। मेरे द्वारा संपर्क करने के प्रयास किए जाने के बावजूद दिनांक 12 अक्टूबर 2026 को धक्का मुक्की की घटना पुनरू हुई। पुलिस आयुक्त को अपने अधीनस्थ पुलिस कर्मियों के आचरण तथा मेरे संपर्क प्रयासों का उत्तर न देने, दोनों के संबंध में स्पष्टीकरण देना चाहिए।

संजय सिंह ने सभापति महोदय से निवेदन करते हुए कहा कि मेरे 12 अक्टूबर को दी गई नोटिस की निरंतरता में इस पूरक नोटिस को अभिलेख पर लिया जाए। 12 अक्टूबर 2026 को हुई धक्का-मुक्की, घसीटने और जबरन हिरासत में लिए जाने की घटना सहित पूर्व की घटनाओं के संबंध में पुलिस आयुक्त, दिल्ली से विस्तृत स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाए। इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध वीडियो फोटो में मौजूद साक्ष्यों को संज्ञान में लेकर सख्त कार्यवाही की जाए।

संजय सिंह ने आगे कहा कि एक वर्तमान संसद सदस्य व भारत का नागरिक होने के नाते शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन करना मेरा संवैधानिक अधिकार है। किंतु बार-बार इस प्रकार का तानाशाही पूर्ण व्यवहार किए जाने को सामान्य पुलिस कार्रवाई कहकर खारिज नहीं किया जा सकता। पुलिस आयुक्त को अपने अधीनस्थ पुलिस बल के आचरण के लिए उत्तरदायी ठहराया जाना चाहिए तथा उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि मेरे पूर्व नोटिस और संपर्क करने के प्रयासों के बावजूद इस प्रकार का व्यवहार क्यों किया गया?

संजय सिंह ने कहा कि मैं संसद की गरिमा एवं अधिकारों की रक्षा करने तथा इन बार-बार दोहराई गई घटनाओं के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने हेतु आपके त्वरित हस्तक्षेप का आग्रह करता हूं।