भोपाल में स्किल इंडिया अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र स्थापित करने हेतु कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय और मध्य प्रदेश सरकार के बीच समझौता ज्ञापन
केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय-एमएसडीई, और मध्य प्रदेश सरकार ने अंतरराष्ट्रीय कौशल विकास तथा विदेशों में रोजगार के अवसरों के लिए सहयोग मजबूत बनाने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। नई दिल्ली में इस समझौता ज्ञापन पर एमएसडीई की अंतरराष्ट्रीय सहयोग मामलों की संयुक्त सचिव सुश्री मानसी सहाय ठाकुर और मध्य प्रदेश सरकार के तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनीष सिंह ने हस्ताक्षर किए।
समझौते के तहत भोपाल के संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क में स्किल इंडिया अंतरराष्ट्रीय केन्द्र - एसआईआईसी स्थापित किया जाएगा। एसआईआईसी मध्य प्रदेश सरकार की ओर से इस केंद्र को संचालित करेगा। यह केंद्र घरेलू प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों तथा विदेशों में नियोक्ताओं द्वारा पहचान की गई रोजगार भूमिकाओं के लिए अपेक्षित व्यावसायिक दक्षता, भाषा प्रवीणता और प्रमाणन मानकों के अंतर में कमी लाने में मदद करेगा। यह पहल भारतीय युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार हेतु तैयार करने और वर्ष 2047 तक विकसित भारत की सरकार की दृष्टियोजना के अनुरूप है।
केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता सचिव श्रीमती देबाश्री मुखर्जी ने कहा कि भोपाल में स्किल इंडिया अंतरराष्ट्रीय केन्द्र स्थापित होने से मध्य प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक कौशल युक्त बनाने और उन्हें विदेशों में रोजगार के अवसरों से जोड़ने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी। यह केन्द्र नियोक्ताओं की मांग, गंतव्य देशों के मानकों और भाषा संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उम्मीदवारों की रोजगार क्षमता बढ़ाएगा। श्रीमती देबाश्री मुखर्जी ने कहा कि यह साझेदारी नैतिक, पारदर्शी और आवश्यकताओं के अनुरूप विदेशों में रोजगार एवं गतिशीलता पारितंत्र विकसित करने की हमारी प्रतिबद्धता दर्शाती है, जो श्रमिकों को कौशल प्रशिक्षण से लेकर रोजगार प्राप्त करने तक की यात्रा में सहयोग देगी।
सहयोग के तहत मध्य प्रदेश सरकार स्किल इंडिया अंतरराष्ट्रीय केन्द्र के दैनिक संचालन, कर्मचारियों की व्यवस्था, बुनियादी अवसंरचना और स्थानीय कार्यान्वयन प्रबंधन करेगी, जबकि केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय राष्ट्रीय दिशानिर्देश, तकनीकी सहायता, डिजिटल बुनियादी ढांचा तथा मांग की पहचान और विदेशों में रोजगार के अवसरों के लिए समन्वय प्रदान करेगा। एसआईआईसी उम्मीदवारों को संगठित करने, देश-विशिष्ट प्रशिक्षण प्रदान करने, विदेशी भाषाओं में कौशल विकसित करने, सांस्कृतिक अभिमुखता, विदेश प्रस्थान-पूर्व तैयारी तथा कौशल विकास संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ संपर्क स्थापित करने हेतु राज्य स्तरीय समन्वय केंद्र का काम करेगा।
इसके कार्यान्वयन की निगरानी प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों की सहमति के आधार पर की जाएगी। इनमें विदेशों में रोजगार के लिए तैयार उम्मीदवारों की संख्या, प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए प्रशिक्षित कार्यबल में वृद्धि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों की संख्या, वर्ष-दर-वर्ष नियुक्तियों में बढ़ोत्तरी और कमा कर विदेशों से भेजी गई राशि में वृद्धि शामिल हैं। स्वीकृत कार्य योजनाओं, बजट, उपयोगिता प्रमाण-पत्र, अनुपालन और सहमत लक्ष्यों की प्राप्ति संबंधी वित्तीय और प्रदर्शन प्रगति की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी।