संगरूर सिविल अस्पताल में 8 घंटे की बिजली कटौती से मरीज हुए परेशान!

संगरूर सिविल अस्पताल में 8 घंटे की बिजली कटौती से मरीज हुए परेशान!

रविवार को 8 घंटे की बिजली कटौती के कारण संगरूर सिविल अस्पताल में मरीजों को काफी परेशानी हुई। हॉटलाइन कनेक्शन होने के बावजूद, बार-बार बिजली कटौती यहां एक बड़ी चिंता बनी हुई है।

सूत्रों के अनुसार, पिछले 35 वर्षों से अस्पताल की आंतरिक वायरिंग और अन्य बिजली व्यवस्था को अपडेट नहीं किया गया है, लेकिन अस्पताल के अंदर मांग कई गुना बढ़ गई है। पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के अधिकारियों ने कहा कि बिजली आपूर्ति का आंतरिक प्रबंधन अस्पताल अधिकारियों के पास है।

अस्पताल में बैठे एक मरीज कुलतार सिंह ने कहा, 'रविवार को अस्पताल में 8 घंटे तक बिजली नहीं थी। कटौती के कारण डेंगू और अन्य मरीजों को भारी परेशानी हुई। ऐसा लगता है कि किसी को भी इस मुद्दे की परवाह नहीं है।”

22 अगस्त को स्वास्थ्य और पीडब्ल्यूडी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अस्पताल की बिजली व्यवस्था के निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि एचटी फीडर और चार्जर के लिए बैटरी बैंक नहीं है। ट्रांसफार्मर का रख-रखाव ठीक से नहीं किया गया और ओपीडी तथा एक्स-रे विभाग में एलटी मुख्य पैनल, सीटी आटा पैनल, उपनल भी खराब स्थिति में थे।


वरिंदर दीपक गोयल, कार्यकारी अभियंता, पीएसपीसीएल, संगरूर ने कहा,“पीएसपीसीएल अस्पताल के मीटर तक बिजली की आपूर्ति के लिए जिम्मेदार है। कई वर्षों से आंतरिक प्रणाली को अद्यतन नहीं किया गया है। पीएसपीसीएल को गलत तरीके से दोषी ठहराया जा रहा है क्योंकि आंतरिक प्रबंधन अस्पताल अधिकारियों की जिम्मेदारी है।”

सूत्रों के अनुसार, अस्पताल में मातृ-शिशु स्वास्थ्य देखभाल भवन, प्रयोगशाला, एमआरआई केंद्र, नशा मुक्ति केंद्र, अपशिष्ट उपचार संयंत्र और ऑक्सीजन संयंत्र जैसी कई नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं। इन नई सुविधाओं से अस्पताल की पुरानी बिजली व्यवस्था पर भार बढ़ गया है।

संगरूर के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ कृपाल सिंह ने कहा, "राज्य सरकार ने 48 लाख रुपये मंजूर किए हैं और जल्द ही अस्पताल में बिजली की आपूर्ति में किसी भी समस्या को रोकने के लिए सभी आंतरिक तारों और अन्य उपकरणों को बदल दिया जाएगा।"