सिख जेन-जी को थप्पड़ मारने वाले प्रवेश वर्मा पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए ‘‘आप’’ का संघर्ष जारी

सिख जेन-जी को थप्पड़ मारने वाले प्रवेश वर्मा पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए ‘‘आप’’ का संघर्ष जारी

नई दिल्ली : दिल्ली में सिख युवक को थप्पड़ मारने वाले पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा पर एफआईआर दर्ज कराने का आम आदमी पार्टी का संघर्ष लगातार दूसरे दिन भी जारी है। तिलक नगर से विकासपुरी थाने तक पैदल पहुंचे ‘‘आप’’ के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज, विधायक जनरैल सिंह, वरिष्ठ नेता महाबल मिश्रा समेत कई पार्षद एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर थाने के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। सौरभ भारद्वाज का कहना है कि पुलिस ने हमें झूठ बोल कर थाने में लेकर गई कि वह प्रवेश वर्मा पर एफआईआर दर्ज करेगी, लेकिन हमें डेढ़ ंघंटे तक बैठाने के बाद एफआईआर दर्ज करने से इन्कार कर दिया। विकासपुरी के एसएचओ प्रवेश वर्मा को थप्पड़ मारते हुए देखने के बाद भी अब इन्कार कर रहे हैं। पुलिस एफआईआर करने से इन्कार करके खुद को भाजपा का दलाल होने का सर्टिफिकेट दे रही है। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज होने तक हम सभी थाने के बाहर ही बैठे रहेंगे।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि डीसीपी, महिला एसीपी, एसीपी निर्मल और एसएचओ घनश्याम यह कहकर हमें अंदर ले गए थे कि वे एफआईआर दर्ज करेंगे। पुलिस वाले बार-बार कहते रहे कि बाहर के लोगों को भेज दें और पुलिस पर विश्वास करें। डीसीपी ने भी विश्वास करने को कहा, जिस पर मैंने कहा कि मुझे उन पर विश्वास है मगर इस झूठी वर्दी पर विश्वास नहीं है। दो घंटे तक डीसीपी ने हमें यह कहकर बिठाए रखा कि एफआईआर तैयार हो रही है, लेकिन अंततः उन्होंने एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया।

सौरभ भारद्वाज ने बताया कि पुलिस ने लगभग दो घंटे तक हमारा समय बर्बाद किया और अंत में खाकी वर्दी पहने एसीपी, डीसीपी और एसएचओ, सभी प्रवेश वर्मा के वकील की तरह बैठे नजर आए। जब हमने कहा कि प्रवेश वर्मा ने पुलिस के सामने उस लड़के को थप्पड़ मारा और उसका मोबाइल छीना, तो एसएचओ कह रहे हैं कि उन्होंने पूरा घटनाक्रम नहीं देखा। जब एसीपी निर्मल से पूछा गया कि पिछले 24 घंटे से चल रही इंक्वायरी में क्या किया गया है, तो उन्होंने बताया कि पुलिस ने सिर्फ कंप्लेंट रिसीव की है। कंप्लेंट रिसीव करना कोई इंक्वायरी नहीं होती।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार देश के युवाओं को भड़काने का काम कर रही है। सरेआम एसएचओ के सामने एक युवा को थप्पड़ मारा गया, थप्पड़ मारने का वीडियो पूरे देश में घूम रहा है और यह दलाल पुलिस कह रही है कि उन्होंने अब तक वीडियो नहीं देखा है। पुलिस वालों को शर्म आनी चाहिए कि जब वे वर्दी उतार कर अपने घर में अपनी पत्नी और छोटे-छोटे बच्चों को देखेंगे या शीशे में अपनी शक्ल देखेंगे, तो क्या उन्हें अपने ऊपर शर्म नहीं आएगी? पुलिस वालों ने जंतर-मंतर पर जवान लड़कियों की छाती पर हाथ मारे, पुलिस अफसरों ने लड़कियों के प्राइवेट पार्ट में डंडा घुसेड़ा और प्राइवेट लोगों के हाथ में कील वाले डंडे दिए। यह सब करने वाले पुलिस वाले नहीं, बल्कि भाजपा के दलाल हैं।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अगर पुलिस मुकदमा दर्ज नहीं करेगी, तो यह सारे युवाओं को संदेश जाएगा कि पुलिस वाले भाजपा के दलाल हैं। प्रवेश वर्मा ने उस लड़के को थप्पड़ मारा, उसका मोबाइल छीना और फिर मोबाइल फेंक कर वहां से इसलिए भाग पाया क्योंकि दलाल पुलिस वालों ने उसे बचाकर उसकी गाड़ी में भगा दिया।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पुलिस जनता की हिफाजत के लिए है, न कि प्रवेश वर्मा की दलाली के लिए, मगर ये लोग सिर्फ हमारा समय खराब कर रहे हैं। हम लोग यहीं पर बैठेंगे और जब तक प्रवेश वर्मा पर एफआईआर दर्ज नहीं होगी, हम यहां से नहीं जाने वाले हैं। हम लोग एफआईआर कराकर ही यहां से जाएंगे।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि देश का जेन-जी इतना कमजोर नहीं है कि जिस मंत्री का मन करे, वह उसे थप्पड़ मार दे और फिर बिना मुकदमे के ऐश करे। पुलिस वाले इस वक्त प्रवेश वर्मा की कोठी के बाहर बैरिकेड लगाकर उसकी हिफाजत कर रहे हैं। जिस साहिब सिंह को थप्पड़ मारा गया, वह रविवार को रात एक बजे तक थाने में था और अभी भी थाने में ही है। यह कैसा इंसाफ है कि जिसे मारा गया वह थाने में है और जिस प्रवेश वर्मा ने क्रिमिनल ऑफेंस किया है, वह अपनी कोठी में बैठकर ऐश कर रहा है?