मुझे चुप कराने के चक्कर में कोर्ट में जवाब देने से भाग रहे मंत्री प्रवेश वर्मा- सौरभ भारद्वाज
आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मानहानि केस में कोर्ट में जवाब दाखिल करने से बच रहे भाजपा मंत्री प्रवेश वर्मा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रवेश वर्मा, मुझे चुप कराने के चक्कर में कोर्ट में जवाब देने से खुद भाग रहे हैं। उन्होंने एसएस मोता सिंह स्कूल दुष्कर्म और ट्रस्टी मामले में मेरे ऊपर बेबुनियाद मानहानि केस किया है, जबकि मै तीन साल की बच्ची को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठा रहा था। उन्होंने कहा कि कोर्ट जवाब दाखिल करने को कह रहा है और मंत्री के वकील हर बार नए बहाने बनाकर तारीख मांग रहे हैं।
रविवार को एक्स पर एक पोस्ट कर “आप” के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि प्रवेश वर्मा का यह बेबुनियाद मानहानि केस ऐसा है कि वह चौबे बनने आए थे और छब्बे बनकर चले गए। मंत्री प्रवेश वर्मा ने एसएस मोता सिंह स्कूल दुष्कर्म और ट्रस्टी मामले में मेरे खिलाफ यह बेतुका मुकदमा दायर किया था। मैंने तीन साल की बच्ची को न्याय दिलाने के लिए जायज सवाल उठाए थे, जिसके चलते बाद में दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। उनके वकील जवाब देने के लिए अदालत से लगातार तारीखें मांगते रहते हैं, कभी बहाना बनाते हैं कि प्रवेश वर्मा भारत में नहीं हैं, तो कभी कोई और बहाना बना देते हैं।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब प्रवेश वर्मा के वकीलों ने देखा कि अदालत अगली तारीख मांगने पर 5000 रुपए का जुर्माना लगा रही है, तब जाकर वे बहस के लिए राजी हुए। इस मामले को टिकाए रखने के लिए प्रवेश वर्मा पहले ही अदालत में यह झूठ बोल चुके हैं कि वह अपने सहयोगी अमरजीत सिंह बब्बू को नहीं जानते हैं। निष्कर्ष यही है कि भाजपा सरकार पुलिस की कई एफआईआर और मानहानि के मुकदमों के जरिए मुझे चुप नहीं करा सकती है।