डीआरआई ने पटाखों की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया, चेन्नई और मुंबई में चलाए गए अभियानों के दौरान लगभग 35 करोड़ रुपये मूल्य के चीनी पटाखे जब्त; 12 लोग गिरफ्तार किए गए

डीआरआई ने पटाखों की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया, चेन्नई और मुंबई में चलाए गए अभियानों के दौरान लगभग 35 करोड़ रुपये मूल्य के चीनी पटाखे जब्त; 12 लोग गिरफ्तार किए गए

खतरनाक प्रतिबंधित सामान के अवैध आयात के खिलाफ जारी कार्रवाई के तहत, राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने चेन्नई बंदरगाह के जरिए भारत में चीनी आतिशबाजी एवं पटाखों की तस्करी के दो प्रयासों को सफलतापूर्वक विफल कर दिया।

डीआरआई की ओर से मिली जानकारी के आधार पर दर्ज एक अन्य मामले में, चेन्नई सीमा शुल्क विभाग ने तस्करी के एक गिरोह का पर्दाफाश किया, जो 18.7 मीट्रिक टन चीनी पटाखों को गुप्त रूप से बाहर निकालने में संलिप्‍त था। जांच में पता चला कि प्रतिबंधित सामान से भरे कंटेनर को सीमा शुल्क विभाग की अनुमति के बिना अवैध रूप से कंटेनर फ्रेट स्टेशन (सीएफएस) से बाहर निकाला गया,उसमें लादे गए पटाखों को उतारा गया और कंटेनर में दूसरा सामान भरकर उसे दोबारा वापस लाया गया। चुपके से अंजाम दिए गए इस काम में सीएफएस के एक कर्मचारी की सक्रिय मिलीभगत सामने आई। इस मामले में संलिप्‍त सीएफएस कर्मचारी सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

विदेश व्यापार नीति के आईटीसी (एचएस) वर्गीकरण के तहत पटाखों का आयात 'प्रतिबंधित' श्रेणी में आता है। इनके आयात के लिए विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) तथा विस्फोटक नियम, 2008 के तहत पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) से वैध लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य है। ऐसे खतरनाक सामान का अवैध आयात सार्वजनिक सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा, बंदरगाह के बुनियादी ढांचे तथा नौवहन एवं लॉजिस्टिक्स तंत्र के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है।

इससे पहले, मई 2026 से डीआरआई ने मुंबई में लगातार कई अभियान चलाए हैं, जिनमें कुल मिलाकर 100 मीट्रिक टन से अधिक चीनी पटाखे जब्त किए गए हैं। डीआरआई द्वारा मुंबई में दर्ज एक मामले में, तस्करी में मदद करने तथा माल की अदला-बदली के प्रयास में सीएफएस के कर्मचारियों की सक्रिय संलिप्तता भी सामने आई। इस मामले में सीएफएस के चार कर्मचारियों, जिनमें एक निर्यात प्रबंधक भी शामिल है, सहित कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

कुल मिलाकर, हाल में जब्‍त की गई सामग्री को मिलाकर इन सभी अभियानों में लगभग 35 करोड़ रुपये मूल्य के चीनी पटाखे जब्त किए गए हैं तथा कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।