गर्मी, लू के थपेड़ों से लोग बेहाल, नागरिक अस्पतालों में मरीजों की भीड़

गर्मी, लू के थपेड़ों से लोग बेहाल, नागरिक अस्पतालों में मरीजों की भीड़

बीते 14 दिन से लोग भीषण गर्मी और लू का लोग सामना कर रहे हैं। वहीं नागरिक अस्पतालों में मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। छावनी और शहर के नागरिक अस्पतालों की बीते पांच दिनों की ओपीडी में 15 हजार से अधिक मरीज आ चुके हैं।इनमें गर्मी के साथ अन्य बीमारियों के मरीज भी शामिल हैं। इसमें दस्त और पेट में संक्रमण के मामले भी सामने आ रहे हैं। खास बात यह है कि यह आंकड़ा सिर्फ ओपीडी का है, अगर इसमें आपातकालीन कक्ष में आए मरीजों को भी जोड़ लिया जाए तो संख्या और भी बढ़ जाती है। चिकित्सकों का कहना है कि दूषित पेयजल व बाहर का खाना खाने के कारण पेट में संक्रमण हो रहा है। इसका विशेष ध्यान रखने की लोगों को सलाह दी जा रही है। डॉ शुभज्योति प्रकाश ने बताया कि बच्चों को दस्त या फिर पेट में इंफेक्शन का अधिक कारण बाहर का खाना है। जंक फूड के कारण पेट में कई तरह की समस्या हो रही है।गर्मी में जंक फूड के सेवन से बचना चाहिए। कटे हुए फलों को भी अधिक देर तक नहीं रखना चाहिए। गर्मी में कटे हुए फल ज्लदी खराब हो जाते है। उन्हें खाने से पेट में परेशानी हो जाती है। बच्चे को बोतल से दूध पिलाने से भी बचना चाहिए।

छोटे बच्चे को अगर बोतल से दूध पिलाया जाता है तो उसका पेट खराब हो जाता है। अधिकतर मामलों में यही देखने को आता है कि माता पिता छह महीने से छोटे बच्चे को बोतल से दूध पिलाते है। छह महीने तक बच्चे को सिर्फ मां का दूध ही पिलाना चाहिए।बच्चे को दस्त की समस्या है तो उसे ग्लूकोज नहीं देना चाहिए। दस्त के समय बच्चे को नींबू पानी या फिर ओआरएस ही देना चाहिए। ओआरएस घोल न दे सकें तो बच्चे को हल्के नमक और चीनी वाला पानी भी पिला सकते है।