उत्तराखंड: 12 साल बाद पकड़ में आए 70 लाख की धोखाधड़ी के फरार आरोपी दंपति
देहरादून: 10-10 हजार रुपये के इनामी धोखाधड़ी के आरोपी दंपती को दून पुलिस ने नोएडा से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी दंपत्ति पर किटी के नाम पर 70 लाख रुपये हड़पने का आरेप है। पुलिस लगातार आरोपितों की तलाश में जुटी थी। देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने बुधवार को पत्रकार वार्ता कर मामले का पर्दाफाश किया। एसएसपी के मुताबिक, वर्ष 2006 में संजीव बस्सी और पत्नी नविता बस्सी निवासी आदर्शनगर, किशननगर चौक ने राजपुर रोड पर एक ज्वेलरी शॉप खोली। करीब दो साल तक दुकान का संचालन करने के बाद आरोपितों ने किटी कमेटी शुरू कर दी। धीरे-धीरे किटी में लोग जुड़ने लगे। कुछ ही समय में आरोपितों की किटी में 600 लोग शामिल हो गए और उनके पास करीब 70 लाख रुपये जमा हो गए।
इसके बाद उन्होंने यह पैसे कारोबार में लगा दिए, जिसमें उन्हें अधिक लाभ नहीं हो सका। किटी में शामिल लोग जब पैसे वापस करने का दबाव बनाने लगे तो उन्होंने कई बार बहाने बनाकर उन्हें लौटाया। दबाव बढ़ने पर आरोपित दून छोड़कर सूरत चले गए। वर्ष 2008 में किटी में पैसे लगाने वाली महिला सुधा पटवाल ने रकम वापस न मिलने पर डालनवाला थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया।आरोपितों ने बताया कि 2014 तक वे पहचान छिपाकर सूरत में ही रहते रहे। इसके बाद वे कुछ साल मुंबई में छिपे रहे। पिछले एक माह से वे नोएडा के गौर सिटी में रह रहे थे। पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे के नेतृत्व में गठित टीम आरोपितों की तलाश में जुटी हुई थी। बताया कि कुछ माह पूर्व ही पुलिस टीम को आरोपितों के मुंबई में छिपे होने की सूचना मिली थी, जिस पर टीम को रवाना किया जाना था, लेकिन तभी सूचना मिली कि आरोपित नोएडा में रह रहे हैं। जिस पर पुलिस और एसओजी की टीम ने आरोपितों को नोएडा से दबोच किया।ढाई हजार से बढ़ाकर 10 हजार किया इनामफरार आरोपितों पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने ढाई-ढाई हजार का इनाम रखा था। कई साल तक आरोपितों की गिरफ्तारी न होने के कारण इसी साल जनवरी में आरोपितों पर इनाम ढाई हजार से बढ़ाकर 10-10 हजार रुपये कर दिया गया। इसके अलावा अब आरोपितों की अर्जित संपत्ति की भी जांच की जा रही है।