सैलजा ने कहा-मेरे खून में कांग्रेस, अशोक तंवर का छलका दर्द, बोले-कांग्रेसी तो हम भी थे...

सैलजा ने कहा-मेरे खून में कांग्रेस, अशोक तंवर का छलका दर्द, बोले-कांग्रेसी तो हम भी थे...

हरियाणा के चुनावी माहौल के बीच कांग्रेस में मचा बवाल एक अलग ही तरह की सियासत दिखा रहा है। एक तरफ कांग्रेस अपने पक्ष में माहौल बनता देख रही है तो वहीं दूसरी ओर पार्टी के अंदर ही नेताओं में आपसी माहौल नहीं बन पा रहा है। बात हुड्डा और सैलजा गुट की हो रही है। कुमारी सैलजा को लेकर पिछले दिनों हुई कांग्रेस कार्यकर्ता की ओर से जातिगत टिप्पणी के बाद से ही कुमारी सैलजा नाराज थीं और ये नाराजगी उन्होंने जाहिर की किसी भी रैली या प्रचार कार्यक्रम से दूरी बनाकर। इस बात से खुद कांग्रेस भी परेशान थी। लेकिन इस बात ने बीजेपी को मौका दे दिया। और बीजेपी ने मौका लपकते हुए पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के जरिए उन्हें बीजेपी में आने का ऑफर दे दिया। हालांकि कुमारी सैलजा के बयान कि कांग्रेस मेरे खून में है। और मैं जाऊंगी तो कांग्रेस के झंडे में लिपटकर ही जाउंगी ने ये संदेश भी देने का काम किया कि कुमारी सैलजा पक्की कांग्रेसी हैं। हालांकि सियासत में कुछ भी पक्का नहीं होता। बस अवसर देखा जाता है। लेकिन कुमारी सैलजा के इस बयान से अशोक तंवर जो पूर्व में हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं और मौजूदा समय में बीजेपी नेता हैं, सिरसा से कुमारी सैलजा के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं। कुमारी सैलजा के बयान के बाद करनाल में उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की बातों ही बातों में उनका दर्द भी छलक उठा।

अशोक तंवर ने सैलजा के उस बयान पर कि कांग्रेस मेरे खून में है, अशोक तंवर ने कहा कि कांग्रेसी तो हम भी थे, लेकिन हालात बदलते हैं और स्वाभिमान की लड़ाई इंसान को कुछ अलग कदम उठाने पर मजबूर कर देती है। अशोक तंवर ने आगे कहा कि सैलजा ने कभी मेरे साथ खड़े होने की जहमत नहीं उठाई, लेकिन आज जिस तरह से कांग्रेस में उनका अपमान हो रहा है वो निंदनीय है। जिस तरह के शब्दों का उनके खिलाफ प्रयोग हो रहा है वो गलत है। मैं उनके साथ खड़ा हूं क्योंकि आज हालात ने करवट ले ली है।

अशोक तंवर यहीं नहीं रुके उन्होंने 2019 के चुनावों का भी खुलासा किया और कहा कि 2019 में अगर मुझे और मेरे गुट को साथ मिला होता तो प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बन चुकी होती। तंवर ने कहा कि हमने पांच साल तक खून-पसीना बहाया लेकिन आखिरी वक्त में जिम्मेदारी सैलजा को दे दी घई। अगर उस वक्त सैलजा और राव के गुट ने साथ दिया होता तो कांग्रेस की सत्ता सुनिश्चित थी।

अशोक तंवर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आज कांग्रेस दलितों का अपमान करने वालों का अड्डा बन चुकी है। वहां सिर्फ राजनीति का खेल चल रहा है। सत्ता के भूखे लोग साजिश रच रहे हैं। कांग्रेस ने हमेशा झूठ और सिर्फ अफवाहों के जरिए शासन चलाया, लेकिन अब जनता सब जान चुकी है।

अशोक तंवर ने अपनी बात रखते हुए कहा कि आने वाली 8 तारीख को हरियाणा की जनता कांग्रेस को बाहर का रास्ता दिखाएगी। और इस बार बीजेपी की हैट्रिक तय है और हरियाणा में नया इतिहास लिखा जाएगा।