हरियाणा में थमा चुनाव प्रचार का शोर, अब ना रैली, ना रोड शो ना जनसभा, सिर्फ होगा डोर-टू-डोर प्रचार

हरियाणा में थमा चुनाव प्रचार का शोर, अब ना रैली, ना रोड शो ना जनसभा, सिर्फ होगा डोर-टू-डोर प्रचार

हरियाणा प्रदेश में चुनाव प्रचार का शोर थम गया है। शाम छह बजे तक प्रदेश में पार्टियों का प्रचार अभियान खूब तेज़ रहा। हर पार्टी ने अपना पूरा दमखम लगा दिया। बीजेपी, कांग्रेस, इनेलो, जेजेपी, आम आदमी पार्टी सभी ने रैलियों, सभाओं, रोड शो के जरिए हर तरह से वोटर्स को अपने पक्ष में वोट करने की अपील की। अपने पक्ष में समर्थन जुटाने का प्रयास किया। लेकिन शाम छह बजे के बाद प्रचार का शोर थम गया है। और अब पार्टियां अपने वोटर्स के दरवाजे तक पहुंचेंगीं। जी हां अब चाहे पार्टियां हों या प्रत्याशी मतदाताओं के घर-घर जाकर उनसे वोट की अपील करेंगे। आपको बता दें कि चुनाव प्रचार के आखिरी दिन राहुल गांधी ने नूंह और महेंद्रगढ़ में महत्वपूर्ण रैलियां की। तो वहीं सीएम नायब सैनी ने भी उचाना कलां में बड़ी रैली की। हालांकि इसके अलावा भी उन्होंने प्रदेश में रैलियां की, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण रैली उचाना की रही। वहीं राहुल गांधी की महेंद्रगढ़ की रैली इसलिए खास रही क्योंकि यहां अशोक तंवर की कांग्रेस में वापसी हुई। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने खुद उन्हें पटका पहनाकर पार्टी में ज्वाइन करवाया। लेकिन ये सब जिस तरह से हुआ उसने बीजेपी को बड़ा झटका दे दिया। क्योंकि किसी ने भी नहीं सोचा था कि अशोक तंवर इस तरह से अचानक रैली के आखिर में कांग्रेस पार्टी ज्वाइन करेंगे और खुद भूपेंद्र हुड्डा उन्हें पटका पहनाएंगे। कांग्रेस के इस कदम को मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। क्योंकि अब तक बीजेपी कुमारी सैलजा के नाम पर बहुत राजनीति कर रही थी। लेकिन चुनाव प्रचार के आखिरी दिन कांग्रेस ने अशोक तंवर की वापसी करवाकर जैसे बीजेपी को बड़ा झटका दे दिया।

बहरहाल अब बीजेपी कांग्रेस के इस मास्टरस्ट्रोक से उबर पाती है या नहीं ये तो 8 अक्टूबर को पता चल पाएगा जब पांच अक्टबूर होने वाले मतदान की पेटियां खुलेंगी और हरियाणा की जनता का निर्णय की उन्होंने अगले पांच साल सत्ता किसे सौंपी है उसका खुलासा हो पाएगा।