पंजाब विधानसभा में पहली बार 26 नवंबर को ‘विद्यार्थी सत्र’, बच्चे निभाएंगे मुख्यमंत्री-मंत्री और विपक्ष की भूमिकाएं

पंजाब विधानसभा में पहली बार 26 नवंबर को ‘विद्यार्थी सत्र’, बच्चे निभाएंगे मुख्यमंत्री-मंत्री और विपक्ष की भूमिकाएं
पंजाब विधानसभा में पहली बार ‘विद्यार्थी सत्र’ का आयोजन 26 नवंबर को किया जाएगा। इस विशेष सत्र में राज्यभर से चुने गए विद्यार्थी मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायक की भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को लोकतंत्र की कार्यप्रणाली समझाना और उन्हें राजनीति में रचनात्मक भागीदारी के लिए प्रेरित करना है।

इस सत्र की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां करेंगे। शिक्षा विभाग और विधानसभा सचिवालय मिलकर चयन प्रक्रिया पूरी करेंगे। राज्य के सभी जिलों से स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थियों को आवेदन के लिए आमंत्रित किया गया है। चयनित विद्यार्थियों को पहले प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें उन्हें प्रश्नकाल, शून्यकाल, कार्यस्थगन प्रस्ताव और विधेयक पारित करने जैसी विधायी प्रक्रियाओं से अवगत कराया जाएगा। कार्यक्रम में एक विद्यार्थी मुख्यमंत्री बनेगा, कुछ मंत्री और बाक़ी छात्र विधायक की भूमिका निभाएंगे। वे सत्र के दौरान सवाल-जवाब करेंगे, बहस में भाग लेंगे और बिल भी पेश करेंगे।

अध्यक्ष संधवां ने बताया कि इस पहल से युवाओं को यह समझने का अवसर मिलेगा कि नीतियां कैसे बनती हैं और शासन की प्रक्रिया कैसे चलती है। उन्होंने कहा कि आगे हर साल ऐसा विद्यार्थी सत्र आयोजित किया जाएगा ताकि युवा सीधे लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ सकें। यह कदम मुख्यमंत्री भगवंत मान की उस सोच का हिस्सा है, जो पारदर्शी और शिक्षित शासन प्रणाली को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।