लोकसभा चुनाव में अच्छी जीत के बाद भी हरियाणा में क्यों एकजुट नहीं हो पा रही कांग्रेस? क्या नाराज नेताओं को मना पाएंगे हुड्डा ?
इसमें कोई शक की बात नहीं है कि हरियाणा लोकसभा चुनावों के नतीजे कांग्रेस को ये बताने के लिए काफी हैं कि इस वक्त प्रदेश में उनके प्रति क्या माहौल है। अब बस इस माहौल को विधानसभा चुनावों तक लेकर जाना है और प्रदेश में सरकार बनानी है। लेकिन क्या हरियाणा कांग्रेस के लिए ये सब कुछ इतना आसान होने वाला है। फिलहाल की परिस्थितियां देखकर नहीं लगता है।लेकिन सवाल ये भी है कि लोकसभा में इतना अच्छा प्रदर्शन करने वाली कांग्रेस को क्या हो गया है क्या पार्टी में गुटबाजी इस कद्र हावी है कि उसे अपनी जीत दिखाई भी दे रही है लेकिन बावजूद इसके वो गुटबाजी के चक्कर में हार की ओर मुड़ रही है ?
और सवाल ये भी है कि क्या भूपेंद्र सिंह हुड्डा इस गुटबाजी को दूर कर पाएंगे और जो नेता पार्टी छोड़कर जाने की तैयारी में हैं उनको रोक पाएंगे।
चलिए जानते हैं कि हरियाणा कांग्रेस की मौजूदा स्थिति क्या है। और विधानसभा चुनाव में पार्टी की स्थिति क्या रहने वाली है?
लोकसभा चुनाव के नतीजों से जाहिर है कि प्रदेश में कांग्रेस के लिए अच्छा माहौल है। और जब ऐसा माहौल होता है तो हताश और निराश हो चुके कार्यकर्ताओं में भी जोश आता है और ये उम्मीद जागती है कि अबकी बार कुछ अच्छा संभव है। जाहिर है इन नतीजों से हरियाणा कांग्रेस का कार्यकर्ताओं में जोश आया है। कार्यकर्ताओं को अपनी जीत दिख रही है ऐसे ही नेताओं में भी जोश है और उन्हें इस बात का आभास हो रहा है कि अब विधानसभा में जीत पक्की है। लेकिन ये सब होने के बावजूद किरण चौधरी अपनी बेटी श्रुति चौधरी के साथ बीजेपी में चली गईं। जबकि इस वक्त कांग्रेस के लिए माहौल अच्छा था लेकिन क्योंकि लोकसभा चुनाव में श्रुति चौधरी की टिकट काटी गई थी जिस बात से किरण और श्रुति दोनों ही नाराज थीं और इसी नाराजगी के चलते उन्होंने बीजेपी का हाथ थाम लिया। हालांकि उनके जाने से पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ता, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष उदयभान ने ये बयान दिया। लेकिन इसके बाद कुलदीप शर्मा के बारे में भी ये अफवाहें उड़ने लगीं कि वो पार्टी से नाराज हैं। हालांकि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मौके की नजाकत को समझा और एक कार्यक्रम में कुलदीप शर्मा की खूब तारीफ की और साफ कहा की भागने की कोशिश मत करना और तुम अगर करोगे भी तो मैं तुम्हें नहीं जाने दूंगा। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भरे मंच पर सबके सामने कुलदीप शर्मा से हाथ भी मिलाया।
दरअसल ये सारी नाराजगियां टिकटों को लेकर ही थीं।
लेकिन भूपेंद्र सिंह हुड्डा जिसे अपने साथ रखना चाहते हैं उसे मना भी रहे हैं और जिनके जाने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता उनके बारे में वो बात भी नहीं करना चाहते। मसलन जब किरण चौधरी के बारे में उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि टिकट आवंटन हाईकमान करता है। अब भूपेंद्र सिंह हुड्डा किरण चौधरी पर कोई जवाब बेशक ना देना चाहें लेकिन प्रदेश में कांग्रेस के अन्य नेताओं को एकजुट करने में वो जुट गए हैं। यही कारण है कि चाहे वो कुलदीप शर्मा हों, करण दलाल हों या फिर समालखा के विधायक धर्म सिंह छोक्कर इन सभी के साथ भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने संपर्क साधना शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं बाकी भी नाराज नेताओं से भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बातचीत शुरू कर दी है। ताकि समय रहते इन नेताओं की नाराजगी दूर की जाए और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाई जाए क्योंकि अगर ये नेता नाराज ही रहते हैं तो कांग्रेस के लिए जीत हासिल करना मुश्किल हो सकता है।
अब भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी समय की मांग को समझा है और वो हर उस नेता को मनाने में जुट गए हैं जिनको मनाना जरूरी है। और अगर वो अपने इस मिशन में कामयाब हो जाते हैं तो वो अपनी जीत के काफी करीब पहुंच सकते हैं।